पाली में पर्यटक के लिए कलेक्टर कुमार पाल गौतम में कार्य योजना बताई।
🙏✍पिंटू अग्रवाल
पाली सिरोही ऑनलाइन
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पाली, 10 जून। जिले के जवाई बांध लेपर्ड संरक्षित क्षेत्र में वन धन पार्क का निर्माण होगा जिसमें वन-धन योजना के बारे में सभी को जानकारी मिल सकेगी। साथ ही इस क्षेत्र में वन्यजीवों के संरक्षण के अनुकूल पर्यावरण का निर्माण होंगा एवं पर्यटन का प्रचार-प्रसार होगा।
वन-धन योजना की जिले में क्रियान्विति तथा पुख्ता माॅनिटरिंग के लिए जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में इस संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। इस मौके पर जिला कलक्टर ने बताया कि जवाई बांध संरक्षित क्षेत्र में शामिल जिले की पांच गांवों दूदनि, रधुनाथपुरा, मोरिबेडी स्टेशन, रूपानेरी तथा बलवना गांवों का कलस्टर बनाकर विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएं जिससे वन-धन योजना के तहत इन गांवों में आबाद ग्रामीणों की वनों पर निर्भरता कम हो तथा वे स्वयं रोजगार के द्वारा आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने इन गांवों में समन्वित ग्रामीण विकास के जरिए पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता जताई।
गौतम ने इस क्षेत्र में पशुपालन तथा षि एवं डेयरी के समन्वित प्रशिक्षण के जरिये रोजगार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने इन गांवों में षि व पशुपालन विभागों को चैपाल लगाकर ग्रामीणों को वन्यजीवों के संरक्षण के लिए जागरूक बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उनकी षि व पशुपालन आधारित सुक्ष्म आवश्यकताओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस क्षेत्र के लोगों को धौलपुर एवं रणथभौर की यात्रा कराने को कहा, जहां वन धन योजना में अच्छा कार्य हुआ।
जवाई बांध संरक्षित क्षेत्र में जिला कलक्टर ने षि व हाॅर्टिकल्चर की गतिविधियों के साथ साथ नरेगा में कनर्वजेंस के जरिये स्थाई परिसम्पत्तियों के निर्माण की हिदायत दी। साथ ही कौशल विकास योजना के अन्तर्गत संरक्षित क्षेत्र में शिविर लगाकर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वनों पर निर्भरता कम हो सके।
उन्होंने कहा की इस क्षेत्र में स्थाई परिसम्पत्ति में वन धन पार्क बनाया जा सकता है। जहां इस योजना से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी के साथ साथ इस क्षेत्र के बारे में बताया जाए। इस पार्क के जरिए क्षेत्र में पर्यटन का प्रचार प्रसार भी हो सकेगा।
इससे पूर्व वन धन योजना में वर्ष 2015-16 में सम्पादित करवाये गये कार्यो की जानकारी दी गई। योजना में चयनित 5 गांवों में एन.जी.ओ. ‘‘चित्रांश एज्यूकेशन एवं सोसायटी जयपुर’’ के माध्यम से पीआरए करवाया जाकर माईक्रो प्लान तैयार करवाएं गए। साथ ही चयनित 5 गांवों में षि विकास, षि उद्यमिता एवं मूल्य संवर्धन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये कार्यशालायें आयोजित करवाई। चयनित इन्हीं 5 गांवों में पशुपालन विकास, डेयरी विकास के उद्देश्य को लेकर कार्यशालायें आयोजित करवाई गई।

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